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नई दिल्ली, भारत
नहीं कोई दिव्य शक्ति, मेरे भीतर मौजूद! सपनो की छेनी से ही मैंने अपना अस्तित्व गढ़ा है!!

Thursday, 16 July 2009

सुविचार


जीवन में भय, पीड़ा और हार हमेशा होते हैं। कोई भी उनकी उपेक्षा नही कर सकता। लेकिन ऐसे में बेहतर होता है सपनों को साकार करने के संघर्ष में कुछ लड़ाइयां हार जाना, बजाय इसके कि बगैर यह जाने हार जाना कि आप किस चीज़ के लिए लड़ रहे हैं।


जीवन कोई सीधा या आसान गलियारा नही है जिसमे हम उन्मुक्तता से बिना रुके हुए चले जाएँ, बल्कि गलियारों की एक भूल-भुलैया है, जिसमे हमे अपना मार्ग खोजना पड़ता है। कई बार हम भटक जाते हैं, दुविधा में होते हैं, और अंधी गली में रुक जाते हैंपरंतु हमेशा यदि हममे आस्था है, ईश्वर हमारे लिए द्वार खोल देगा, शायद वह द्वार नही जिसकी खुलने की हमने कल्पना की थी, परंतु वह द्वार जो हमारे लिए अंततः अच्छा सिद्ध होगा।


- ए जे क्रोनिन

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