About Me

My photo
नई दिल्ली, भारत
नहीं कोई दिव्य शक्ति, मेरे भीतर मौजूद! सपनो की छेनी से ही मैंने अपना अस्तित्व गढ़ा है!!

Wednesday, 7 November 2007

खुद पर है विश्वास

विश्वास सबसे बड़ी ताकत है। ज़िंदगी में ऐसे कई मोड़ आते हैं जब इन्सान निराशा के अंधेरों में अपने अस्तित्व को बचाए रखने कि जद्दोजहद कर रहा होता है। ऐसे वक़्त में स्वयं पर किया गया एक विश्वास इंसान को एक ऐसी दृष्टि दे जाती है जिससे कि वह आने वाली खुशनुमा पलों का प्रतिबिम्ब देख पाता है,और कुछ समय बाद उजाले की किरण वातावरण में बिखर जाती है।
विश्वास में असीम शक्ति है इसके कई उदाहरणों से गिनीज बुक और लिम्का बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड के पन्ने सजे हुए हैं।

यह मेरा दूसरा संदेश है जिसका आधार मेरा स्वयं पर विश्वास है।
विश्वास की ताकत ने मुझे मानसिक रूप से टूटने से बचाया है और मुझे सकारात्मक उर्जा की शक्ति प्रदान की है।

दो साल के लंबे अंतराल के बाद अब मै लिखना चाहता हूँ और हिन्दी ब्लॉग की दुनिया को समृद्ध करना चाहता हूँ। मुझे स्वयं पर पुरा भरोसा है कि जब भी मैं किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी राय प्रकट करूँगा तो उसके साथ पुरा न्याय होगा और उसे सुना या पढा जाएगा। क्योंकि .......

हर लक्ष्य है मुमकिन
हमारा प्रयास हो अगर,
हर सपने होंगे पूरे
दिल में सच्ची आस हो अगर,
निराशा और आशा
जीवन के दो अभिन्न पहलू हैं ,
सफलता चूमेगी कदम
खुद का खुद पर विश्वास हो अगर।

Tuesday, 6 November 2007

युवा दृष्टि और मेरा भारत

इक्कीसवी सदी असीम संभावनाएं लेकर आया है और भारत ही नही बल्कि अन्य देश भी इससे लाभान्वित हुए हैंभारतीय अर्थव्यवस्था अपने चरम पर है और दिनों-दिन इसमें तेजी रही है, विदेशी मुद्रा भंडार लगातार बढ़ा है

Sunday, 4 November 2007

यह मेरा पहला संदेश है

एच टी मीडिया के द्वारा प्रकाशित 'कादम्बिनी' के अक्टूबर अंक की आवरण कथा 'ब्लॉग हो तो बात बने' अत्यंत रुचिकर था। कुछ नया जानने या करने की अत्यधिक जिज्ञासा के कारण मैंने ब्लॉग की सम्पूर्ण विसयवस्तु का गहन अध्यन किया और साथ ही ब्लॉग के माध्यम से विचारों को अभिव्यक्त करने का दृढ निश्चय। मेरा यह संदेश ब्लॉग लेखन की दुनिया में एक ग्रामीण युवा की विश्वस्तरीय पहुंच का सूत्रपात है।