विश्व एड्स दिवस के मौक़े पर हाल ही में किये गए सर्वेक्षणों में एच आई वी के मामलों की संख्या अनुमान से भी कम पाई गयी है साथ ही एक और अच्छी खबर यह भी है कि इन सर्वेक्षणों में यह बात खुलकर सामने आई है कि अब युवा जागरूक हो चुका है और एड्स की भयंकर बीमारी के मामले में सजग है।
सर्वेक्षणों के मुताबिक एड्स के खिलाफ युवाओं में जागरूकता का प्रतिशत २००१ के ७५ फीसदी से बढकर ८५.५ फीसदी हो जाना भारत और भारतीय युवाओं के लिए प्रशंसा का विषय है।
इस तरह के परिणामो से निश्चित ही युवाओं का आत्मविश्वास बढेगा और प्रत्येक युवा निकट भविष्य में भारत के महत्वपूर्ण विकासक्रम का हिस्सा बनेगा।
