About Me
- प्रहलाद कुमार पटेल
- नई दिल्ली, भारत
- नहीं कोई दिव्य शक्ति, मेरे भीतर मौजूद! सपनो की छेनी से ही मैंने अपना अस्तित्व गढ़ा है!!
Sunday, 16 August 2009
ज़रूरत शुरुआत की है.....
देश के हालात ठीक नहीं हैं। युवा नेतृत्व के नाम पर कांग्रेस पार्टी ने जीत तो हासिल कर ली लेकिन व्यवस्था को सुधारने की दिशा में उन्होंने अब तक कोई ठोस कदम नही उठाया। सच कहें तो हमे अब बुद्धिजीविओं का एक बड़ा संगठन बनाने की ज़रूरत है तभी हम कुछ कर सकने की स्थिति में होंगे नही तो यूँ ही टुकडों में काम करते हुए हम कुछ भी कर सकने में असमर्थ हैं। "एक सामूहिक क्रांति से ही देशव्यापी बदलाव लाया जा सकता है"। ज़रूरत शुरुआत की है.....
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
2 comments:
aapne sahee kaha zaroorat shuruaat kee hai...
ek sakaratmak drishti kon kee
prahlad bhai ,beginning is half done .u have made a beginning .May God blees u .
virendra sharma
(veerubhai1947.blogspot.com)
Post a Comment