About Me

My photo
नई दिल्ली, भारत
नहीं कोई दिव्य शक्ति, मेरे भीतर मौजूद! सपनो की छेनी से ही मैंने अपना अस्तित्व गढ़ा है!!

Sunday, 4 November 2007

यह मेरा पहला संदेश है

एच टी मीडिया के द्वारा प्रकाशित 'कादम्बिनी' के अक्टूबर अंक की आवरण कथा 'ब्लॉग हो तो बात बने' अत्यंत रुचिकर था। कुछ नया जानने या करने की अत्यधिक जिज्ञासा के कारण मैंने ब्लॉग की सम्पूर्ण विसयवस्तु का गहन अध्यन किया और साथ ही ब्लॉग के माध्यम से विचारों को अभिव्यक्त करने का दृढ निश्चय। मेरा यह संदेश ब्लॉग लेखन की दुनिया में एक ग्रामीण युवा की विश्वस्तरीय पहुंच का सूत्रपात है।

No comments: